Colouring The World चित्र भावों , संवेदनाओं , विचारों , तथा कल्पनाओं , की ऐसी अभिव्यक्ति है जो रंगों एवं रेखाओं के माध्यम से प्रकट होती है। बचपन से घर में त्योहारों , उत्सवों और अन्य अवसरों पर बनाये जाने वाले माँडणो , आलेखों और रंगोली ने मुझे आकर्षित किया है। राजस्थान के रंगों ने मुझे हमेशा से ही नयी प्रेरणा दी है , हर साल सूखे से जूझने वाली यहाँ की मिट्टी के रंगों की चमक से मेरे चित्रों के रंग हमेशा प्रभावित रहे हैं। मेरी कृतियों में जिन प्रभावों को मैं देखता हूँ उनमें सर्वप्रथम रंग हैं जो मैंने बचपन से ही अपने आसपास देखे हैं। यहाँ के प्राचीन चित्रों में यहाँ की विभिन्न प्रकार की मिट्टियों तथा प्राकृतिक खनिज रंगों का सर्वाधिक प्रयोग मिलता है , जिसमें लाल , काली , पीली , रामरज , सफेद , मटमैला तथा विभिन्न रंगों के पत्थर हरा भाटा , हिंगलू आदि को बारीक पीसकर उसे आवश्यकतानुसार गोंद और पानी के साथ घोंट कर काम में लाने की अपनी निजि पद्धति रही है। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार की खनिज , बहुमुल्य धातुएँ जैसे सोना , चाँदी , ...
Comments